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एक राष्ट्र दो कानुन राष्ट्र का अपमान नही????

Posted On: 3 Dec, 2013 Others में

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एक देश मे दो कानुन एक राज्य के लिये कुछ अलग दुसरे राज्य के लिये कुछ अलग । राष्ट्र के हिस्से को राष्ट्र से अलग दर्जा प्राप्त है राष्ट्र के कानुन वहॅा लागू नही होते राष्ट्र के किसी भी हिस्से मे वंहॅा के नागरिक रह सकते पर हमारे राष्ट्र का एक हिस्सा ऐसा है जंहा ऐसा नही है फिर हम कैसे गर्व के साथ कह सकते है की जम्मू-कश्मिर भारत का अभिन्न अंग है । एक राज्य को राष्ट्र के अन्य राज्यो से अलग दर्जा देना किसी भी राष्ट्र के लिये घातक है माना की जम्मू-कश्मिर का भारत मे विलय विशेष परिस्थितयो मे हुआ था जिसके कारण उस समय उसे विशेष दर्जा देना आवश्यक था परन्तु समय के साथ इसे जारी रखने का क्या औचित्य है राष्ट्र के एक अंग को बिलकुल अलग थलग कर देना कैसे सही हो सकता है वक्त के साथ हर चीज बदलती है तो राष्ट्र के फायदे के लिये राष्ट्र की नीतियो मे भी परिवर्तन होना चाहिये आजादी के 66साल बाद जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे पर पुन विचार की जरूरत नही है???????????



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6 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Madan Mohan saxena के द्वारा
December 5, 2013

बिचारणीय प्रसन सुन्दर कबिता ,कभी इधर भी पधारें सादर मदन

    pragati के द्वारा
    December 26, 2013

    धन्यवाद मदन जी

December 4, 2013

बात तो सही…………………

    pragati के द्वारा
    December 26, 2013

    धन्यवाद

December 4, 2013

चर्चा ज़रूरी नहीं है और होने का कोई फायदा भी नहीं है ये केवल भाजपा द्वारा अपना सामान्य ज्ञान कम होने कीबात को छिपाने का एक चुनावी हथकंडा है .

    pragati के द्वारा
    December 26, 2013

    शालिनी जी मे सहमत नही इतने संवेदनशील मुददे को यु ही नही छो़ड सकते चर्चा जरुरी है


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